जीका वायरस- इतिहास, लक्षण , प्रभाव और उपचार

0
365 views

दोस्तों आजकल हम समाचार पत्रों और टीवी चैनलों पर जीका वायरस के बारे में पढ़ और सुन रहें हैं |आज की पोस्ट जीका वायरस के बारे में हैं जिससे हम जीका वायरस के बारे में जान सके और अनावश्यक चिन्तित न होकर अपने परिवार व अपने समाज जीका वायरस से संक्रमित होने से बचा सके |

जीका वायरस- इतिहास, लक्षण , प्रभाव और उपचार

Zika Virus-history,symptoms,treatment and effect in hindi

जीका वायरस का इतिहास(History of zika virus)- जीका वायरस के बारे में पूर्वी अफ्रीका के वैज्ञानिको को उस समय पता चला जब वे जीका के जंगल में रीसस मकाउ नामक बन्दर पर yellow fever के बारे में शोध कर रहे थे |वो बन्दर बुखार ग्रस्त हो गया पर उसके लक्षण अन्य सामान्य बुखारों से अलग थे तो दोस्तों इस प्रकार जीका वायरस के बारे में सर्वप्रथम 1947 में पता चला |

2007 से पहले जीका वायरस इतना प्रभावी नहीं था पर 2007 में इसका प्रभाव व्यापक रूप से अफ्रीका और दक्षिण में एशिया में दिखाई देने लगा | लोगों का ध्यान तब ज्यादा आकर्षित हुआ जब जीका वायरस 2007 में Yap नामक एक तटीय शहर में फ़ैल गया | वहां के लोगों में फीवर के साथ जोड़ों में दर्द , शरीर पर लाल चकत्ते व आखों में लाली रहने लगी | जिसे प्रथम रूप में तो लोगों ने चिकनगुनिया समझा पर जांचोपरांत उसमे जीका वायरस के लक्षण मिले |

जीका वायरस क्या हैं(what is zika virus)- जीका वायरस मुख्यतः एडिस मच्छरों के काटने से फैलता हैं | इसी प्रजाति के काटने से डेंगू भी फैलता हैं | यह गर्भवती माँ से उसके बच्चे में जा सकता हैं | संक्रमित रक्त के चढ़ने से व असुरक्षित यौन सम्बन्ध बनाने से भी फ़ैल सकता है |

जीका वायरस का प्रभाव  (Effect of zika virus)- जीका वायरस का प्रभाव 2 से 7 दिनों तक एक संक्रमित व्यक्ति के खून में रहता हैं| यह गर्भवती महिलाओ में बहुत तेजी से फैलता हैं तथा उसके भ्रूण पर इसका तीव्र असर होता हैं | इसके प्रभाव से शिशु के सर का विकास नही हो पता और वह छोटा ही रह जाता हैं इस मष्तिस्क दोष को microcephily कहा जाता हैं |

जीका वायरस के लक्षण(Zika virus symptoms) – जीका वायरस के लक्षण 2 से 7 दिनों में दिखाई देने लगते हैं |

  • शरीर में बुखार बना रहता हैं |
  • शरीर के जोड़ों में दर्द रहता हैं |
  • सर दर्द और शरीर पर लाल चकत्ते पड़ जाते हैं|
  • आँखे लाल हो जाती हैं |
  • शरीर में बैचेनी बनी रहती हैं |
  • शरीर पर दाने पड़ जाते हैं |

जीका वायरस की जाँच (Test of zika virus) जीका वायरस कि जाँच रक्त,मूत्र , लार,या संक्रमित व्यक्ति के RNA कि जाँच करके इसका पता लगाया जा सकता है|

जीका वायरस से बचने के उपाय( Prevention from zika virus) –

  • आस -पास साफ सफाई रक्खे |
  • ज़ल भराव न होने दे और मच्छरों को न पनपने दे |
  • हलके और साफ कपड़े पहने |
  • आस – पास कीट नाशक दवाइयों का छिडकाव करें |
  • गर्भवती महिलाये व नवजात शिशु संक्रमित क्षेत्र में ना जाए |
  • रेप्लेंट क्रीम या मच्छरदानी का प्रयोग करें |
  • संक्रमण का कोई भी लक्षण पाए जाने पर तुरंत अपने चिकित्सक से परामर्श लें|

ब्रेन स्ट्रोक के बारे में पढ़े- मस्तिष्क आघात या ब्रेन स्ट्रोक को कैसे पहचाने

जीका वायरस का उपचार( Treatment of zika virus)- जीका वायरस से बचने का अब तक कोई टीका नहीं बना है | जीका वायरस जान लेवा नहीं हैं अब तक इसमें मृत्यु दर लगभग न के बराबर हैं | अधिकतर कैसो में व्यक्ति को अस्पताल में भरती होने कि आवश्यकता नहीं होती |

  • जीका वायरस के लक्षण सामने आने पर अपने चिकित्सक से परामर्श करें |
  • व्यर्थ की भाग दौड़ न करके आराम करें|
  • पीने के लिए साफ पानी का इस्तेमाल करें और पानी अधिक से अधिक पिए|
  • दर्द और बुखार के लिए पेरासिटामोल का ही इस्तेमाल करें |

जीका वायरस का भारत में प्रभाव(Zika virus effect in india) – भारत की जलवायु  जीका वायरस के फैलने के अनुकूल हैं, फिर भी भारत में इसके केवल एक या दो व्यक्ति ही संक्रमित पाए गये हैं | यदि कोई व्यक्ति जीका वायरस से प्रभावित क्षेत्र से आता हैं, और वह बुखार ग्रस्त हैं तो उसे अपनी जाँच करा लेनी चाहिये| पोजिटिव पाने की दशा में स्वास्थ्य विभाग को सूचना दे देनी चाहिये| जिससे जीका वायरस का प्रसार न हो सके |

You must read

————————————————————

जीका वायरस का इतिहास, जीका वायरस क्या हैं ,लक्षण ,मानव जीवन पर प्रभाव और उपचार ये पोस्ट कैसी लगी, कमेंट द्वारा अवश्य बताये | यदि आपके पास भी कोई motivational article/ motivational story और ब्लॉग सम्बन्धित कोई आर्टिकल हैं और आप उसे हमारे साथ शेयर करना चाहते हैं तो onlinedost4u@gmail.com par भेजें /जिसे आपके नाम व फोटो सहित प्रकाशित किया जायेगा |

Thanku 🙂

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here