स्वाइन फ्लू : कारण, लक्षण,बचाव व उपचार /Swine Flu: Causes, Symptoms, Prevention and cure

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स्वाइन फ्लू: कारण ,लक्षण,बचाव व उपचार

Swine Flu: Causes, Symptoms, prevention and Treatment

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स्वाइन फ्लू या H1N1  इन्फ्लुएंजा श्वसन तंत्र से जुड़ा एक संक्रामक रोग हैं  जो टाइप A वायरस के कारण होता हैं | यह वायरस सीधे तौर पर श्वास नली को प्रभावित करता हैं | इन्फ्लुएंजा आम तौर पर सूअर में पाया जाता हैं और सूअर ही इसका वाहक माना गया हैं इसीलिए इसका नाम स्वाइन फ्लू  रखा गया हैं |

स्वाइन फ्लू फैलने के कारण

स्वाइन फ्लू का वायरस बहुत ही संक्रामक हैं यह एक इंसान से दूसरे इंसान तक बहुत तेजी से फैलता हैं |जब कोई संक्रमित व्यक्ति खांसता या छीकता हैं तो मुंहऔर नाक से निकलने वाली छोटी-छोटी बूंदों के साथ इन्फ्लुएंजा का वायरस भी बाहर आ जाता हैं | यदि कोई स्वस्थ व्यक्ति इन संक्रमित बूंदों के बीच साँस लेता हैं तो वह भी संक्रमित हो जाता हैं |

○ मुंह से निकलने वाली संक्रमित बूंदे कुछ समय हवा में रहने के बाद किसी ठोस सतह पर बैठ जाती हैं | यदि कोई व्यक्ति इन सतहों को छूता हैं तो और संक्रमित हाथ अपने मुँह या नाक पर लगाता है तो वह स्वाइन फ्लू  से संक्रमित हो सकता हैं |

○ यह दरवाजों के हैन्डिल, रिमोट कंट्रोल, कम्प्यूटर के कीबोर्ड,मोबाइल फ़ोन या कोई अन्य ऐसे वस्तु जो बार -बार विभिन्न व्यक्तियों द्वारा छुए जाते हो वो संक्रमित हो सकते हैं |

○ स्वाइन फ्लू का वायरस कोमल सतह पर 20 मिनट व कठोर सतह पर 24 घंटे जीवित रह सकता हैं |

स्वाइन फ्लू के लक्षण

स्वाइन फ्लू के लक्षण बच्चों , गर्भवती महिलाओं और अन्य पीड़ित व्यक्तियों में भी अलग -अलग हो सकते हैं |

○ स्वाइन फ्लू का प्रथम मुख्य लक्षण सामान्य जुकाम है लेकिन यदि व्यक्ति को 100 डिग्री या उससे अधिक बुखार की शिकायत हो तो स्वाइन फ्लू का संक्रमण हो सकता हैं|

○ स्वाइन फ्लू का वायरस जैसे ही जैसे शरीर में फैलता जाता हैं वैसे ही वैसे ही रोगी की भूख कम होती जाती हैं और नाक से पानी बहने लगता है |

○ तेज ठंड लगना, गला ख़राब होना, सर दर्द, व मांस पेशियों में दर्द अकडन आदि लक्षणों का दिखाई देना |

○ शारीरिक कमजोरी महसूस करना |

○ गले में सूजन,उबकाई ,उल्टियाँ  व दस्त  होने पर भी स्वाइन फ्लू होने की संभावना हो सकती हैं |

स्वाइन फ्लू से बचाव

○ स्वाइन फ्लू के लक्षण दिखाई पड़े तो घर पर ही रहें, एकांत में रहे दूसरों के करीब न जाए |

○ जरूरत पड़ने पर ही भीड़ -भाड वाली जगहों पर जाए वो भी मास्क पहनकर |

○ हाथो को बार – बार एंटी बैक्टीरियल लिक्विड से धोए |

○ छीकते और खांसते समय टिसु पेपर का इस्तेमाल करें और इस्तेमाल के बाद उसे नष्ट कर दें |

○ हाथों को साबुन से लगभग 20 सेकंड तक धोए | यदि संभव हो तो हर दो घंटे बाद हाथों को धोए |अपने मोबाइल, कंप्यूटर कीबोर्ड,रिमोर्ट कण्ट्रोल , दरवाजों के हैडिल जैसी जो वस्तुए बार बार छुई जाती हो उनकी नियमित सफाई करें|

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स्वाइन फ्लू उपचार

स्वाइन फ्लू होने पर तुरंत अच्छे चिकित्सक से संपर्क करे | इसमें टेमीफ्लू या रेलेंजा जैसी एंटीवायरस दवाइया दी जाती हैं | इन दवाइयों को संक्रमित होने के 2 दिनों के अन्दर ही ले लेना चाहिये | ये दवाइयां आमतौर से 5 दिनों के लिए दी जाती हैं |ये दवाइयां स्वाइन फ्लू को पूर्ण रूप से तो ठीक नहीं करती लेकिन उसके प्रभाव को कम करने में सहायक होती हैं |

टीकाकरण

स्वाइन फ्लू का टीका अभी भारत में उपलब्ध नहीं है अभी केवल यह ब्रिटेन और अमेरिका मे ही उपलब्ध है |अमेरिका में गर्भवती महिलाओं, शिशुओं को संभालने वाले पारिवारिक सदस्यों व स्वास्थ्य सेवा करने वाले कर्मियों को टीका लगवाने की सलाह दी गयी हैं |


Swine Flu: Causes, Symptoms, prevention and Treatment

Swine flu or H1N1 influenza is an infectious disease associated with respiratory tract due to type A virus. This virus directly affects the airway tube. Influenza is usually found in pigs and pigs are considered to be carriers, hence the name is swine flu.

Reasons to spread outswine flu

Swine flu viruses are very contagious, they spread very rapidly from one person to another. When an infected person coughs or spits, the influenza virus also comes out with small droplets coming out of the mouth and nose. If a healthy person breathes between these infected droplets then he also gets infected.

  • Infected droplets from the mouth sit on a solid surface after being in the air for some time. If a person touches these surfaces and then places infected hands on their mouth or nose, they can be infected with swine flu.
  • It can be infected by the handles of the doors, remote controls, computer keyboards, mobile phones or any other such object that is repeatedly touched by different persons.
  • Swine flu virus can survive on soft surface for 20 minutes and on harsh surface for 24 hours.

Symptoms of swine flu

Symptoms of swine flu can also be different in children, pregnant women and other sufferers.

  • The first main symptom of swine flu is common cold, but if the person has a complaint of fever of 100 degrees or more then swine flu infection can occur.
  • As soon as swine flu virus spreads in the body, the hunger’s appetite decreases and water starts flowing through the nose.
  • The symptoms of severe chills, throat disorders, headache, and muscular acne problems.
  • Feeling physical weakness.
  • There may be swine flu if swelling, nausea, vomiting and diarrhea in the throat.

Swine flu prevention

  • If symptoms of swine flu show up, stay at home, do not go close to others in solitude.
  • If you need to go to crowded places only if you need to wear a mask.
  • Wash hands frequently with anti-bacterial liquid.
  • Use tissue paper while sprinkling and coughing and destroy it after use.
  • Wash hands with soap for about 20 seconds. If possible, wash hands after every two hours.
  • Regularly clean the things which are repeatedly touched on your mobile, computer keyboard, remote control, head of the door.

Swine flu treatment

If you have swine flu, contact the good doctor immediately. Antivirus drugs such as tamiflu or relenza are given in it. These medicines should be taken within 2 days of infection. These medicines are usually given for 5 days. These medicines do not completely clean the swine flu but it is helpful in reducing the effect.

Immunization

Swine flu vaccine is not available in India right now, it is only available in the United Kingdom and America. In America, advised to have pregnant women, family members handling infants and vaccine workers in health care.

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