उन्मुल खैर( IAS) की सफलता की कहानी-होसलों की बुलंद उड़ान

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Success-story-of-ias-unmul-khair/उन्मुल खैर( IAS) की सफलता की कहानी-होसलों की बुलंद उड़ान

दोस्तों हम सभी जीवन में थोड़ी सी भी कठिनाई आ जाए तो घबरा जाते है और यदि समस्या शारीरिक हो तो परिस्थियां ओर विकट हो जाती है | लेकिन हम समाज में ऐसे लोगों को भी पाते हैं जो विपरीत परिस्थितियों में भी समस्याओं और कठिनाइयों का सामना कर विजय पथ पर आगे बढ़ते हैं और समाज के लिए उच्च आदर्श प्रस्तुत कर अन्य सभी के ह्रदय में आशा के दीप प्रज्वलित कर प्रेरणा श्रोत का कार्य करते हैं|

दोस्तों आज की पोस्ट एक ऐसे व्यक्तित्व के बारे में है जो बचपन से ही अजैले बॉन डिसआर्डर से ही ग्रसित रही और बहुत ही गरीब परिवार मे जन्म लेकर समस्त विपरीत धाराओं को पार कर अपने प्रथम प्रयास में ही IAS की परीक्षा पास की जी हां दोस्तों हम बात कर रहे है उन्मुल खैर की|

जन्म और पारिवारिक स्थिति:-

उन्मुल खैर का जन्म राजस्थान के पाली जिले में एक बहुत ही गरीब परिवार में हुआ था | ये बचपन से ही अजैले बोन डिसआर्डर से ग्रसित थी | इनके पिता दिल्ली में फेरी करते थे और माँ छोटा -मोटा काम कर अपने परिवार को चलाती थी |

इनका परिवार एक झुग्गी- झोंपड़ी में रहता था | उन्मुल को पढ़ने -लिखने का शौक बचपन ही था पर इनका परिवार अपनी सीमित आय के कारण इन्हें आगे नही पढ़ाना चाहता था | परिवार में माँ ही केवल ऐसी थी जो इनको समझती थी और चाहती थी कि उन्मुल आगे पढ़े |

पर लगता था कि नियति भी इनके खिलाफ थी इनकी माँ का असमय निधन हो गया जिससे इनका एकमात्र सहारा था वो भी छीन गया | इनके पिता ने दूसरी शादी कर ली जिससे परिवार में कलह होने लगी और इन्हें परिवार छोड़कर एक कमरा किराये पर लेना पड़ा | वहां बच्चो को ट्यूशन पढ़ाकर उन्होंने अपने पढ़ने लिखने का खर्च निकाला |

शारीरिक परेशानियाँ-

उन्मुल खैर बॉन डिसआर्डर से ग्रसित थी | ये हड्डियों से सम्बंधित एक ऐसा विकार है जिसमे शरीर कि हड्डियाँ कमजोर हो जाती है और उनके स्वत: ही टूटने का खतरा बन जाता है | उन्हें  कई सर्जरी और लगभग 15 बार फ्रेक्चर का सामना करना पड़ा |

शैक्षिक कैरियर-

उन्मुल खैर बचपन से ही पढ़ने लिखने में बहुत होशियार थी | उन्होंने अपनी 10 वी की परीक्षा में 90 प्रतिशत तथा 12 वी की कक्षा में 90 प्रतिशत अंक प्राप्त किये | उन्मुल ने ग्रेजुएशन दिल्ली यूनीवर्सटी से तथा पोस्ट ग्रेजुएशन जवाहर लाल यूनीवर्सटी दिल्ली से पास की| इसके बाद इन्होने IAS की तैयारी की और प्रथम प्रयास में ही 2016 में इन्होने 420 वी रैंक प्राप्त की|

शिक्षा :- दोस्तों हर किसी के जीवन में परेशानियाँ होती है पर ये हम पर निर्भर करता है कि हम उनका सामना किस प्रकार करते है | कुछ ऐसे होते हैं जो इन परेशानियों से जूझ जाते है और विजेता बन कर निकलते है और कुछ ऐसे होते है जो बिना लड़े हार मान लेते है | अब ये हमारे ऊपर हैं कि हम विजेता बन कर जीना चाहते हैं या हारे हुए इंशान के रूप में जीना चाहते है |

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