Lord Mahvir Swami Quotes in hindi| भगवान महावीर के अनमोल विचार

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Lord Mahvir swami Quotes in hindi

Lord Mahvir Quotes in hindi
Lord Mahvir Quotes in hindi

भगवान महावीर के अनमोल विचार

Lord Mahvir Swami Quotes in hindi. भगवान् महावीर स्वामी का जन्म 599 ई० पू० में वैशाली के निकट कुंडलग्राम में हुआ था इनके पिता का नाम सिद्धार्थ व माता का नाम त्रिशाला था। भगवान् महावीर स्वामी जैन धर्म के 24  वें तीर्थंकर हैं। इन्होने  सत्य,अहिंसा,अस्तेय,ब्रह्मचर्य,अपरिग्रह के पंचशील सिद्धान्त दिए। 

Lord Mahvir Quotes in hindi| Quotes 1 to 5

Quotes 1:हर एक जीवित प्राणी के प्रति दया रखो; घृणा से विनाश होता है| Have compassion towards all living beings. Hatred leads destruction.

भगवान महावीर Lord Mahavir

Quotes 2:क्रोध और अधिक क्रोध को जन्म देता है, और क्षमा और प्रेम और अधिक क्षमा और प्रेम को जन्म देते हैं| Anger begets more anger, and forgiveness and love lead to more forgiveness and love.

भगवान महावीर Lord Mahavir

Quotes 3: आत्मा से परे कोई भी आपका दुश्मन नहीं है; असली शत्रु तो आपके भीतर विद्यमान हैं। वे हैं – क्रोध, अहंकार, लोभ और घृणा। There is no enemy out of your soul.The real enemies live inside yourself, they are anger, proud, greed, attachments and hate.

भगवान महावीर Lord Mahavir

Quotes 4:प्रत्येक आत्मा स्वयं में सर्वज्ञ और आनंदमय है । आनंद बाहर से नहीं आता । Every soul is in itself absolutely omniscient and blissful. The bliss does not come from outside.

भगवान महावीर Lord Mahavir

Quotes 5:शांति और आत्म-नियंत्रण अहिंसा है । Silence and Self-control is non-violence.

भगवान महावीर Lord Mahavir

Lord Mahvir Quotes in hindi| Quotes 6 to 10

Quotes 6:प्रत्येक जीव स्वतंत्र है । कोई किसी और पर निर्भर नहीं करता । Every soul is independent. None depends on another.

भगवान महावीर Lord Mahavir

Quotes 7:किसी आत्मा की सबसे बड़ी गलती अपने असल रूप को ना पहचानना है , और यह केवल आत्म ज्ञान प्राप्त कर के ठीक की जा सकती है । The greatest mistake of a soul is non-recognition of its real self and can only be corrected by recognizing itself

भगवान महावीर Lord Mahavir

Quotes 8:एक व्यक्ति जलते हुए जंगल के मध्य में एक ऊँचे वृक्ष पर बैठा है । वह सभी जीवित प्राणियों को मरते हुए देखता है।  लेकिन वह यह नहीं समझता की जल्द ही उसका भी यही हस्र होने वाला है।  वह आदमी मूर्ख है । A man is seated on top of a tree in the midst of a burning forest. He sees all living beings perish. But he doesn’t realize that the same fate is soon to overtake him also. That man is fool.

भगवान महावीर Lord Mahavir

Quotes 9:खुद पर विजय प्राप्त करना लाखों शत्रुओं पर विजय पाने से बेहतर है |It is better to win over self than to win over a million enemies.

भगवान महावीर Lord Mahavir

Quotes 10:भगवान् का अलग से कोई अस्तित्व नहीं है ।  हर कोई सही दिशा में सर्वोच्च प्रयास कर के देवत्त्व प्राप्त कर सकता है |There is no separate existence of God. Everybody can attain God-hood by making supreme efforts in the right direction.

भगवान महावीर Lord Mahavir

Lord Mahvir Quotes in hindi| Quotes 11 to 17

Quotes 11:भोजन आत्म-नियंत्रण के लिए सबसे बड़ी बाधा उत्पन्न करता है; यह आलस को जन्म देता है|Eating constitutes the greatest obstacle to self-control; it gives rise to indolence.

भगवान महावीर Lord Mahavir

Quotes 12:आत्मा अकेले आती है अकेले चली जाती है , न कोई उसका साथ देता है न कोई उसका मित्र बनता है |The soul comes alone and goes alone, no one companies it and no one becomes its mate.

भगवान महावीर Lord Mahavir

Quotes 13:अहिंसा सबसे बड़ा धर्म है|Non-violence is the highest religion

भगवान महावीर Lord Mahavir

Quotes 14:स्वयं से लड़ो , बाहरी दुश्मन से क्या लड़ना ? वह जो स्वयम पर विजय कर लेगा उसे आनंद की प्राप्ति होगी| Fight with yourself, why fight with external foes? He, who conquers himself through himself, will obtain happiness.

भगवान महावीर Lord Mahavir

Quotes 15:सभी मनुष्य अपने स्वयं के दोष की वजह से दुखी होते हैं , और वे खुद अपनी गलती सुधार कर प्रसन्न हो सकते हैं| All human beings are miserable due to their own faults, and they themselves can be happy by correcting these faults.

भगवान महावीर Lord Mahavir

 Quotes 16:सभी जीवित प्राणियों के प्रति सम्मान अहिंसा है |Respect for all living beings is non‑violence.

भगवान महावीर Lord Mahavir

Quotes 17:आपकी आत्मा से परे कोई भी शत्रु नहीं है । असली शत्रु आपके भीतर रहते हैं , वो शत्रु हैं क्रोध , घमंड , लालच,आसक्ति और नफरत| There is no enemy out of your soul.The real enemies live inside yourself, they are anger, proud, greed, attachmentes and hate.

भगवान महावीर Lord Mahavir

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