ईमानदारी की सीख Guru Nanak Dev Ji Story in Hindi

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ईमानदारी की सीख  

Guru Nanak Dev Ji Story in Hindi
Guru Nanak Dev Ji Story in Hindi

Guru Nanak Dev Ji Story in Hindi

Guru Nanak Dev Ji Story In Hindi. गुरु नानक देव जी अक्सर शाम के समय धर्म चर्चा(प्रवचन ) किया करते थे उनकी इस धर्म चर्चा में आस- पास के  गाँव के लोग जमा हो जाये करते थेप्रवचन के बाद गाँव के लोग उनसे अपनी समस्याओं  के बारे में बात-चीत किया करते थेगुरु नानकदेव जी गाँव वासियों का उन समस्याओ से बाहर निकलने में भी मार्गदर्शन किया करते थे

एक दिन एक डाकू अपनी समस्या लेकर गुरु नानक देव जी के पास आया और गुरु जी से बोला,’ गुरु जी मैं एक डाकू हूँ, मैं लोंगो से लूट-पाट करता हूँ और अब में अपने इस प्रकार के जीवन से तंग आ गया हूँ अब इस आदत को छोड़ना चाहता हूँ मुझे इस समस्या से छुटकारा दिलाइये गुरु जी

गुरु नानक देव जी  ने डाकू को बहुत प्यार से समझाया, ‘मेरे बच्चे यदि तुम इस सब से बाहर निकलना चाहते हो तो लूट-पाट करना और झूठ बोलना बंद कर दो सब ठीक हो जायेगा’

गुरु नानक देव जी की बात सुनकर वह डाकू बोला गुरु जी में आपकी बातों पर अमल करूंगा और आज से ही लूट-पाट और झूठ बोलना बंद कर दूंगायह कहकर वह डाकू वापस चला गया

कुछ दिनों के पश्चात डाकू फिर वापस गुरु जी के पास आया और बोला गुरु जी मैंने बहुत प्रयास किया पर मैं अपनी आदत नहीं छोड़ पाया गुरु जी मुझे कोई और सरल उपाय बताइए जिससे की में इस दल-दल भरी जिन्दगी से बाहर निकल सकू

इस पर गुरु नानक देव जी ने कहा एक उपाय ओर है,इसमें तुम जो चाहे वो करते रहो पर तुम्हें शाम को दिन भर अपने किये गए कामों के बारे में लोगों को बताना हैंयदि तुम ये सब कर पाए तो तुम अपनी बुरी आदतों से छुटकारा पा जाओगे

इस पर वह डाकू बोला गुरु जी यह उपाय तो एक दम सरल है।मैं इसे अवश्य कर लूँगायह कहकर वह डाकू ख़ुशी-ख़ुशी वापस चला गया

कई दिन गुजर गये वह डाकू वापस नहीं आया डाकू एक विकट मनोस्थिति से होकर गुजर रहा था डाकू दिन भर तो लूट-पाट करता और शाम के समय वह लोगों के पास अपने दिन भर के घटनाक्रम को बताने के लिए पहुँच जातावह बहुत कोशिश करता लेकिन लोंगो को शर्म के कारण कुछ भी नहीं बता पाता यह क्रम कई दिनों तक चलता रहा पर वह एक दिन भी लोगों को अपने दैनिक कृत्यों के बारे में लोगों को बता पाने की हिम्मत  नहीं जुटा पाया

जब वह बहुत परेशान हो गया तो वह पुनः गुरु देव जी के पास पहुंचा और बोला गुरु जी मैंने जिस काम को आसान समझा था वह बहुत ही कठिन हैंअपने बुरे कर्मो को लोगों को बताना लूट -पाट करने से भी कठिन हैं इसलिए में आज से ही लूट- पाट व अन्य बुरे काम बंद कर दूंगा जिससे मुझे किसी के सामने लज्जित न होना पड़े

तो दोस्तों इस प्रकार गुरु नानक देव जी की  सीख मानकर एक डाकू ने अपने सभी बुरे काम बंद कर एक सम्मानित जीवन जीना शुरू कर दियादोस्तों गुरु नानक देव जी की यह सीख भी हम सभी पर भी लागू होती हैंयदि हम भी अपनी कोई बुरी आदत छोड़ना चाहते हैं तो यह सीख अपनाकर उसे त्याग सकते हैं|

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