लड़ती बकरियां और सियार / Fighting Goats and The Jackal

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बहुत समय पहले कि बात हैं | एक दिन एक साधू एक घने जंगल से होकर गुजर रहा था | उसने दो बकरियों को आपस में लड़ते हुए देखा | दोनों लड़ते -लड़ते  इतनी घायल हो गई कि उनके शरीर से रक्त बहने लगा फिर भी उन्होंने लड़ना बंद नहीं किया |

उसी समय वहां से एक भूखा सियार गुजर रहा था | वह उन दोनों की लड़ाई देखकर वहा रुक गया | सियार ने जब जमीन पर पड़े उनके रक्त को देखा तो उससे रहा नहीं गया और वह उनकी लड़ाई के बीच में चला गया और जमीन पर पड़े रक्त को चटाने लगा |

यह देखकर साधू सोचने लगा कि सियार कितना मुर्ख हैं जो थोड़े से लालच में उनके बीच में चला गया , इससे उसे चोट भी लग सकती हैं और उसके प्राण भी संकट में पड़ सकते हैं |

साधू अभी यह सोच ही रहा था कि सियार ओर अधिक रक्त कि लालच में उनके बीच ही पहुँच गया | दोनों  बकरियां ने जब उस सियार को वहां अपने बीच देखा तो दोनों ने मिलकर उस पर हमला कर दिया | जिससे सियार गंभीर रूप से घायल होकर वहां से अपने प्राण बचाकर वहां से भागा |

Moral of the story :- दोस्तों अपने थोड़े से लालच के कारण आने वाले खतरे से अपनी आँख नहीं बंद करनी चाहिये क्योकि  यह लालच ही हमारे प्राण संकट में डाल सकता हैं| इसलिए dosto कोई भी कार्य करने से पहले सोच -विचार अवश्य करें  |

Dosto कहानी कैसी लगी , अपने कमेन्ट के द्वारा अवश्य बताये | जिससे हमारा मनोबल और बढ़े |

दोस्त टाइप करते समय काफी सावधानी रक्खी गई है फिर भी कुछ गलतियाँ संभावित हैं , उनके बारे मैं बताये जिससे उन्हें ठीक किया जा सके |

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