सारस की शिक्षा – A Moral Story In hindi

0
344 views

सारस की शिक्षा – A Moral Story In hindi

रामगढ नामक एक गाँव में मोहन नाम का एक आलसी किसान रहता था | मोहन के पास खेत का एक टुकड़ा था | जिसमें उसने गेहूँ की फसल बोई हुई थी | उसी खेत में सारस पक्षी का एक जोड़ा भी रहता था |उनके साथ उनके बच्चे भी रहते थे पर वे इतने छोटे थे कि वे उड़ नही सकते थे |

फसल पकने को तैयार थी पर सारस के बच्चे उड़ने के योग्य नही हुए थे |सारस को इस बात की बड़ी चिंता थी | उसे इस बात की चिंता थी कि जब तक किसान फसल काटने आये | उससे पहले उसे खेत छोड़कर चला जाना चाहिए |सारस ने कहा यदि मेरे पीछे कोई खेत में आये तो उसकी बात ध्यान से सुनना और याद रख कर मुझे बताना |

एक दिन सारस पक्षी का जोड़ा बाहर गया और शाम को जब वह वापस लौटा तो बच्चों ने कहा -‘ आज किसान आया था, वह खेत के चारोंऔर घूमता रहा | वह कहता था कि खेत की फसल अब पक गई है | आज गाँव के लोंगो से बात करूंगा कि मेरी भी फसल कटवा दें ‘|

सारस ने अपने बच्चो से कहा डरने की कोई बात नहीं हैं | खेत अभी नहीं कटेगा , खेत कटने में अभी समय हैं |

कई दिन इसी प्रकार बीत गये | एक दिन फिर शाम को सारस को जोड़ा जब वापस अपने बच्चों के पास आया तो वे बहुत घबराये हुए थे |वे कहने लगे कि हमें खेत को छोड़ देना चाहिए | अब सारस के बच्चे थोडा -थोडा उड़ने लगे थे |सारस ने पूछा किसान ने क्या कहा था | सारस के बच्चों ने बताया की वे कह रहा था कि गाँव वाले बहुत मतलबी हैं कोई भी मेरी सहायता करने को तैयार नहीं हैं | मैं अपने भाइयों से बात करूँगा कि वे मेरा खेत कटवा दें |

सारस ने अपने बच्चों से कहा तुम निश्चिन्त रहो | अभी खेत नहीं कटेगा और फिर 3-4 दिनों में अच्छी तरह से उड़ने लगोगे |कई दिन बीत गए अब सारस के बच्चे उड़ने लगे |

एक दिन फिर जब सारस  का जोड़ा जब शाम को वापस आया तो बच्चों ने कहा आज किसान फिर आया था और बोल रहा था कि मेरे भाई भी मेरी नहीं सुनते | मेरी फसल पक कर झड़ने के लिए तैयार हैं | अब कल सुबह आकर मैं अपनी फसल स्वयं काटूँगा |

सारस बोला चलो बच्चों अब खेत छोड़ने का समय हो गया हैं कहीं ओर चलते हैं | कल खेत अवश्य कट जायेगा | बच्चे बोले क्या किसान इस बार सच बोल रहा था |

सारस ने कहा बच्चों जब तक किसान गाँव वालों और अपने भाइयों के भरोसे था तब तक खेत काटने की कोई आशा नहीं थी क्योकिं बच्चों जो अपना काम किसी के भरोसे छोड़ता हैं उसका काम कभी नहीं होता |  यह कहकर सारस अपने बच्चों के साथ उड़ गया |

शिक्षा :- इस कहानी से हमें यह शिक्षा मिलती हैं कि अपना काम स्वम करना चाहिए दूसरों के भरोसे छोड़ा हुआ काम कभी पूरा नहीं होता

—————————————————————-

सारस की शिक्षा – A Moral Story In hindi | ये पोस्ट कैसी लगी, कमेंट द्वारा अवश्य बताये | यदि आपके पास भी कोई motivational article/ motivational story और ब्लॉग सम्बन्धित कोई आर्टिकल हैं और आप उसे हमारे साथ शेयर करना चाहते हैं तो onlinedost4u@gmail.com par भेजें /जिसे आपके नाम व फोटो सहित प्रकाशित किया जायेगा |

अन्य हिंदी प्रेरक कहानियां यहाँ पढ़े

  1. लड़ती बकरियां और सियार /Fighting goats and The jackal
  2. दुष्ट कोबरा और  कौए / The Cobra and The crow
  3. बगुला और केकड़ा / The Crane & The crab , A panchtantra tale
  4. वीर बालक बादल: जिसका राजपुताना सदैव ऋणी रहेगा |
  5. वीर बालक रामसिंह राठौर : जिसने शाहजहाँ की सत्ता को चुनौती दी |
  6. Rolls royce से कूड़ा – करकट उठवाने वाला  एक भारतीय राजा
  7. अकबर – बीरबल की तीन कहानियां / Three short stories of akbar and birbal
  8. धैर्य से जीवन का कोई भी लक्ष्य पाया जा सकता हैं /Any goal of life can be achieve with patience
  9. एप्पल कंपनी के संस्थापक स्टीव जाब्स के आखिरी शब्द
  10. पुस्तकीय ज्ञान के साथ व्यवहारिक ज्ञान भी आवश्यक है

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here