कन्फ़्यूशियस के प्रेरणादायक प्रेरक प्रसंग|confucius stories in hindi

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Confucius Story  in hindi

Confucius Story in hindi

क्रूर और कठोर शीघ्र नष्ट हो जाते हैं|(confucius stories in hindi-1)

चीन के महान दार्शनिक कन्फ़्यूशियस के मरने का अंतिम समय आ चुका था । इसलिए उनके अंतिम दर्शन के लिए उनके अनेक शिष्य उनके पास खड़े थे ।उनकी जिज्ञासा थी की गुरुदेव कुछ उपदेश देकर जाये ।

कन्फ़्यूशियस ने शिष्यों को बुलाकर पूछा कि देखना मेरे मुंह में जीभ हैं या नहीं ? यह कहकर उन्होंने मुहं फाड़ दिया ।

शिष्यों ने देखा की जीभ मुंह में ही थी ।शिष्यों को आश्चर्य हुआ कि हमारे मार्गदर्शक ने ये कैसा अजीब सवाल पूछा हैं ? फिर भी उन्होंने कहा, जीभ तो आपके मुंह में ही हैं।

कन्फ़्यूशियस ने कहा,’ बच्चो, मैं अब तुम्हें छोडकर इस संसार से विदा लेना चाहता हूँ और जाते -जाते कुछ ऐसी बातें बताना चाहता हूँ की तुम्हे मेरी कोई कमी न खले

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कन्फ़्यूशियस ने थोड़ी देर रुककर फिर पूछा, मेरे मुंह में दांत हैं या नहीं? उनके मुंह में दंत नहीं थे। शिष्यों ने कहा, दांत तो गुरुदेव एक भी नहीं हैं । गुरु ने ये सुनकर ख़ुशी जताई ।

कन्फ़्यूशियस ने अपने शिष्यों से पलटवार किया और सवाल पूछा, जीभ तो मेरे जन्म से पहले ही मौजूद थी, और दांत तो बाद में निकले थे। फिर क्यों कम उम्र वाले दांत पहले चले गये और जो पहले पैदा हुआ था वह अब भी मौजूद हैं।

शिष्यों के पास इस बात का कोई उत्तर नहीं था। वे चुपचाप खड़े होकर एक दूसरे का मुंह देखते रहे । उन्हें चुप देखकर तब कन्फ़्यूशियस ने कहा, बच्चो, जीभ कोमल होती हैं और सरस। दांत कठोर, क्रूर और निर्मम हैं । इस वजह से दांत टूट गये और जीभ का अस्तित्व बना हुआ हैं । तुम भी जीभ के समान सरल और कोमल बनो।’ और कन्फ्यूशियस ने अपनी आँखें सदा के लिए मूँद ली।

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बुरे शासक के राज्य में रहने से अच्छा है किसी जंगल या पहाड़ी पर रहना (confucius stories in hindi-2)

एक बार की बात है चीन के महान दार्शनिक कन्फ्यूशियस अपने शिष्यों के साथ एक पहाड़ी से गुजर रहे थे । थोड़ी दूर चलने के बाद वो एक जगह अचानक रुक गये और कन्फ्यूशियस बोले,  कहीं कोई रो रहा है |

वो आवाज को लक्ष्य करके उस और बढ़ने लगे । शिष्य भी पीछे-पीछे हो लिए |एक जगह उन्होंने देखा कि एक स्त्री रो रही है ।

कन्फ्यूशियस ने उसके रोने का कारण पूछा तो स्त्री ने कहा इसी स्थान पर उसके पुत्र को चीते ने मार डाला । इस पर कन्फ्यूशियस ने उस स्त्री से कहा तो तुम तो यहाँ अकेली हो क्या ?  तुम्हारा बाकी का परिवार कहाँ है ? इस पर स्त्री ने जवाब दिया हमारा पूरा परिवार इसी पहाड़ी पर रहता था, लेकिन अभी थोड़े दिन पहले ही मेरे पति और ससुर को भी इसी चीते ने मार दिया था । अब मेरा पुत्र और मैं यहाँ  रहते थे और आज चीते ने मेरे पुत्र को भी मार दिया ।

इस पर कन्फ्यूशियस हैरान हुए और बोले कि अगर ऐसा है तो तुम इस खतरनाक जगह को छोड़ क्यों नहीं देती ।

इस पर स्त्री ने कहा ” इसलिए नहीं छोडती क्योंकि कम से कम यंहा किसी अत्याचारी का शासन तो नहीं है ।” और चीते का अंत तो किसी न किसी दिन हो ही जायेगा ।

इस पर कन्फ्यूशियस ने अपने शिष्यों से कहा निश्चित ही यह स्त्री करूँणा और सहानुभूति की पात्र है लेकिन फिर भी एक महत्वपूर्ण सत्य से इसने हमे अवगत करवाया है कि एक बुरे शासक के राज्य में रहने से अच्छा है किसी जंगल या पहाड़ी पर ही रह लिया जाये । जबकि मैं तो कहूँगा एक समुचित व्यवस्था यह है कि जनता को चाहिए कि ऐसे बुरे शासक का जनता पूर्ण विरोध करें और सत्ताधारी को सुधरने के लिए मजबूर करे और हर एक नागरिक इसे अपना फर्ज़ समझे ।

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 असली सम्राट कौन (confucius stories in hindi-3)

एक बार कन्फ़्यूशियस बैठे हुए थे, उसी समय उनके सामने सम्राट की सवारी वहां से गुजरी । सम्राट उन्हें देखकर रुक गये ।

उन्होंने कन्फ़्यूशियस से पूछा तुम कौन हो । कन्फ़्यूशियस ने कहा, मैं सम्राट हूँ ।

सम्राट ने चौककर पूछा, तुम कैसे सम्राट हो , जंगल में बैठे हो और फिर भी अपने आपको सम्राट कह रहे हो ।

इस पर कन्फ़्यूशियस ने पूछा – तुम कौन हो? सम्राट ने क्रोधित होकर कहा कि तुम्हे इस लाव लश्कर को देखकर समझ जाना चाहिए था कि वह कौन हैं वह ही सम्राट हैं ।

यहाँ जंगल मैं बैठकर तुम अपने आपको सम्राट कहते हो यह भ्रम तुम्हें नहीं पालना चाहिए । तुम कभी भी संकट मैं पद सकते हो । इसलिए तुम्हें यह गलत फहमी दूर कर लेनी चाहिए ।

कन्फ़्यूशियस ने मुस्कराते हुए कहा – सेवक उसे चाहिए जो आलसी होता हैं, मैं आलसी नहीं हूँ , इसलिए मेरे साम्राज्य में सेवक की जरुरत नहीं हैं । सेना उसे चाहिए जिसके शत्रु हो, इस संसार में मेरा कोई शत्रु नही हैं । इसलिए मेरे साम्राज्य में सेना की भी कोई आवश्यकता नहीं हैं ।धन और वैभव उसे चाहिए जो दरिद्र हो इसलिए मुझे धन, संपत्ति की भी आवश्यकता नही हैं ।

यह सब सुनकर सम्राट का सर झुक गया और उसने अपने व्यवहार के लिए कन्फ़्यूशियस से माफ़ी मांगी।

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