बाल दिवस पर कविताएँ | Children day Poem in hindi

0
521 views

 Children day Poem in hindi

बाल दिवस पर कविताएँ | Children day Poem in hindi

भारत के प्रथम प्रधानमंत्री ‘जवाहर लाल नेहरू‘ का जन्म 14 नवम्बर को हुआ था। वे बच्चो से बहुत प्यार करते थे।  इसलिए बाल दिवस ( children day ) हर साल 14 नवम्बर को मनाया जाता हैं। बच्चे उन्हें चाचा नेहरू कह के पुकारते थे। बाल दिवस भारत का एक ऐसा राष्ट्रीय त्यौहार है जो बच्चों को समर्पित हैं।

1#Children day Poem in hindi

चाचा नेहरु का बच्चो से है बहुत पुराना नाता
जन्मदिन चाचा नेहरु का बाल दिवस कहलाता

चाचा नेहरु ने देखे थे नवभारत के सपने
उस सपने को पूरा कर सकते है उनके अपने बच्चे

बाल दिवस के दिन हम सभी बच्चे मिलकर गीत ख़ुशी के गायेगें
चाचा नेहरु के चरणों में फूल मालाये चढ़ायेगें!

शालाओं में भी होते है नये नये आयोजन
जिसको देख कर आनंदित होते है हम बच्चो के तन मन

बाल दिवस के इस पवन पर्व पर एक शपथ ये खाओ
ऊँच नीच का भेद भूलकर सबको गले लगाओ!

***

 Children day Poem in hindi

2#Children day Poem in hindi

एक बार नेहरू चाचा ने,
बच्चों को दुलराया।
किलकारी भर हंसा जोर से,
जैसे हाथ उठाया।

नेहरूजी भी उसी तरह,
बच्चे-सा बन करके।
रहे खिलाते बड़ी देर तक
जैसे खुद खो करके।

बच्चों में दिखता भारत का,
उज्ज्वल स्वर्ण विहान।
बच्चे मन में बसते हैं,
सदा स्वयं भगवान।

बच्चे यदि संस्कार पा गए,
देश सबल यह होगा।
बच्चों की प्रश्नावलियों से,
हर सवाल हल होगा।

बच्चे गा सकते हैं जग में,
अपना गौरव गान।
बच्चे के मन में बसते हैं,
सदा स्वयं भगवान।

***

3#Children day Poem in hindi

 Children day Poem in hindi

बाल-दिवस है आज साथियो, आओ खेलें खेल ।
जगह-जगह पर मची हुई खुशियों की रेलमपेल ।

बरस-गांठ चाचा नेहरू की फिर आई है आज,
उन जैसे नेता पर सारे भारत को है नाज ।
वह दिल से भोले थे इतने, जितने हम नादान,
बूढ़े होने पर भी मन से वे थे सदा जवान ।
हम उनसे सीखे मुसकाना, सारे संकट झेल ।

हम सब मिलकर क्यों न रचाए ऐमा सुख संसार
भाई-भाई जहां सभी हों, रहे छलकता प्यार ।
नही घृणा हो किसी हृदय में, नहीं द्वेष का वास,
आँखों में आँसू न कहीं हों, हो अधरों पर हास ।
झगडे नही परस्पर कोई, हो आपस में मेल ।

पडे जरूरत अगर, पहन ले हम वीरों का वेश,
प्राणों से भी बढ़कर प्यारा हमको रहे स्वदेश ।
मातृभूमि की आजादी हित हो जाएं बलिदान,
मिट्टी मे मिलकर भी माँ की रक्खें ऊंची शान ।
दुश्मन के दिल को दहला दें, डाल नाक-नकेल ।
बाल दिवस है आज साथियो, आओ खेलें खेल ।

– मनोहर प्रभाकर

***

4#Children day Poem in hindi

फूलों के जैसे महकते रहो,
पंछी के जैसे चहकते रहों,

सूरज की भांति चमकते रहों,
तितली के जैसे मचलते रहों,

माता-पिता का आदर करो,
सुंदर भावों को मन में भरो,

ये है हमारी शुभ कामना,
ये बचपन हमेशा हँसता रहे
मुस्कुराता रहे…

—————————————————————

दोस्तों यदि आपके पास बाल दिवस पर कविताएँ | Children day Poem in hindi में ओर जानकारी हैं, या हमारे द्वारा दी गई जानकारी में कुछ त्रुटी लगे या कोई सुझाव हो तो comment करके सुझाव हमें अवश्य दें । हम इस पोस्ट को update करते रहेंगें ।दोस्तों यदि आपको हमारी पोस्ट अच्छी लगी हो तो उसे like और share अवश्य करें ।

धन्यवाद 🙂

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here