महान टेनिस खिलाडी आर्थर ऐश के जीवन का प्रेरक प्रसंग| Arthur Ashe’s Prerak Prasang in hindi

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 Arthur Ashe's Prerak Prasang in hindi
Arthur Ashe’s Prerak Prasang in hindi

Arthur Ashe’s Prerak Prasang in hindi.दोस्तों सफलता के शिखर पर ऐसे ही नहीं पहुंचा जात । बल्कि वे अपने अन्दर विशिष्ट  गुणों को समाहित समाहित व् संग्रहित करते रहते हैं ।  उसमे सबसे महत्वपूर्ण गुण यदि कोई हैं तो वह हैं किसी भी समस्या या विषय पर उनका सकारात्मक नजरिया। वे समस्याओं को किस नजरिये देखते हैं। दोस्तों आज की पोस्ट में हम ऐसे ही एक महान व्यक्ति के बारे में बताने जा रहे हैं।

महान टेनिस खिलाडी विंबलडन विजेता आर्थर एश( Arthur ashes) अपनी दन्त चिकित्सा कराते हुए HIV ग्रस्त हो गये।चूँकि आर्थर विश्व के न० एक खिलाडी थे, इसलिए उनके प्रशंसको की संख्या भी लाखो में थी। जब उनके प्रशंसको को उनके HIV ग्रस्त होने के बारे में पता चला तो वो सब बहुत दुखी हुए। प्रशंसको ने प्रार्थना सभाएं करनी शुरू कर दी और विश्व के अग्रणी चिकित्सकों ने उन्हें चिकिसकीय परामर्श देना शुरू कर दिया।

चूंकि HIV एक लाइलाज बीमारी हैं। फिर भी आर्थर अपने सकारत्मक नजरिये व् अपनी इच्छा शक्ति से उससे लम्बे समय तक लड़ते रहे ।  उनके पास नियमित रूप से उनके प्रशंसको के ख़त आते रहते थे। जिनका वे यथासंभव जवाब भी देते थे।  एक दिन जब वे अपने प्रशंसकों के पत्र पढ़ रहे थे तो उनके एक प्रशंसक ने उनसे पूंछा की भगवान ने आपको ही इस बीमारी के लिए क्यों चुना  ?

उस पत्र को पढकर आर्थर ने मुस्कराते हुए जो जवाब दिया, वो निश्चित ही उनकों महान व्यक्तियों के श्रेणी में लाकर खड़ा कर देता हैं। उनके द्वारा दिया गया जवाब निश्चित रूप से हम सभी के लिए एक मार्गदर्शक के रूप में हमेशा रास्ता दिखाता रहेगा।

आर्थर ने लिखा,” पूरी दुनियां में 5 करोड़ लोग टेनिस खेलना शुरू करते हैं और उनमें से केवल 50 लाख लोग ही टेनिस खेलना सीख पाते हैं, 50 लाख में से केवल 5 लाख ही पेशेवर खिलाडी बनते हैं । 50 हजार प्रतियोगिताओ तक पहुँच पाते हैं ,जिनमे से 5 हजार ग्रैंडस्लैम में, 50  विंबलडन में, 4 सेमी फाइनल मेंऔर केवल 2 फाइनल में पहुँच पाते हैं। फिर कोई एक विजेता बनता है।

जब ग्रैंडस्लैम जीतने के बाद जब मैंने भगवान से यह नहीं पूछा कि 5 करोड़ में से में ही क्यों, तो आज कष्ट के समय में मुझे यह नहीं पूंछना चाहिए कि इस बीमारी के लिए मुझे ही क्यों चुना गया।

दोस्तों आर्थर एश के इसी सकारात्मक सोच ने उन्हें इस बीमारी से लड़ने में शक्ति प्रदान की और संकट के समय अपना मनोबल कभी कम नहीं होने दिया। 

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दोस्तों यदि आपके पास  महान टेनिस खिलाडी आर्थर ऐश के जीवन का प्रेरक प्रसंग| Arthur Ashe’s moral story in hindi में ओर जानकारी हैं, या हमारे द्वारा दी गई जानकारी में कुछ त्रुटी लगे या कोई सुझाव हो तो comment करके सुझाव हमें अवश्य दें । हम इस पोस्ट को update करते रहेंगें ।दोस्तों यदि आपको हमारी पोस्ट अच्छी लगी हो तो उसे like और share अवश्य करें 

धन्यवाद 🙂

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