Amazing fact of Pyramid in hindi|मिस्र के पिरामिडों के बारे में रोचक तथ्य

0
523 views

Amazing fact of Pyramid in hindi|मिस्र के पिरामिडों के बारे में रोचक तथ्य

Amazing fact of Pyramid in hindi

दोस्तों हमने पिरामिडों के बारे में तो अवश्य सुना होगा। पिरामिड इस प्रथ्वी पर मानव द्वारा निर्मित सबसे अद्भुत वास्तुशिल्प कला का नमूना हैं। जिसे देखकर आज के आर्किटेक्ट और इंजीनियर भी आश्चर्य चकित हो जाते हैं ।इनमे से एक “ग्रेट गीजा पिरामिड (Great Giza Pyramid)” का शुमार प्राचीन विश्व के सात आश्चर्यों में होता है।उनके द्वारा भी आधुनिक मशीनरी व् तकनीक के बाद भी ऐसी सरंचना की पुनरावर्ती करना संभव नहीं हैं। तो दोस्तों जानते हैं इन पिरामिडों के बारे में अद्भुत तथ्य जो आपने शायद ही सुने होंगे ।

Amazing fact of Pyramid in hindi| fact 1 to 10

1. पूरी दुनिया में कितने पिरामिड है ये कहना तो मुश्किल है लेकिन मिस्र में अभी तक 140 पिरामिड खोजें जा चुके है।

2. दुनिया का सबसे बड़ा पिरामिड मिस्र में नही, बल्कि मैक्सिकों में है। जिसका बेस 1480 ft. का है।

3. ऐसा माना जाता है कि धरती पर पिरामिड जैसा पहला ढाँचा आज से 5000 साल पहले ‘Mesopotamians‘ द्वारा बनाया गया था।

4. मिस्र के पिरामिड में राजाओं के शवों को दफनाकर सुरक्षित रखा जाता था। इन शवों को ममी कहते हैं। शव के साथ वस्त्र, गहने, बर्तन, हथियार या अन्य चीज़ें भी दफनाई जाती थी। कई बार तो सेवक-सेविकाओं को भी दफ़न कर दिया जाता था। ऐसा करने के पीछे प्राचीन मिस्रवासियों की यह मान्यता थी कि मरने के बाद जब आदमी दूसरी दुनिया में जाता है तब साथ दफनाई गई चीज़ें उनके काम आती है।

5. गिज़ा का ग्रेट पिरामिड विश्व के प्राचीन सात अजूबों में सबसे पुराना और अकेला ऐसा है जो अभी भी आस्तित्व में है।

6. मिस्र के पिरामिडों की उम्र 4500 साल हो चुकी है लेकिन ये अभी भी सही सलामत है.. इनके अभी तक बचे रहने का एक कारण इनमें प्रयोग किया गया मोर्टार पत्थर भी है जो आम पत्थर से मजबूत होता है।

7. कुफु का पिरामिड (जिसे गिजा का ग्रेट पिरामिड भी कहा जाता है) अब तक का सबसे ऊँचा पिरामिड है जिसकी असली ऊँचाई 480.6 फीट थी जो ऊपर से 25 फीट ढह जाने के बाद अब 455.4 फीट रह गई है. यह लगभग 3871 साल तक दुनिया की सबसे ऊंची इमारत रहा लेकिन 1311 में इंग्लैंड ने लोगो ने 524 फीट ऊंचा गिरिजाघर बनाकर यह रिकाॅर्ड तोड़ दिया. ये गिरिजाघर आज भी दुनिया का दूसरा सबसे ऊंचा गिरिजाघर है।

8. ऐसा माना जाता है कि ग्रेट ग़िज़ा पिरामिड (Great Giza Pyramid) को बनाने में लगभग 30 साल का वक़्त लगा था। वही इसे 30 लाख से ज्यादा मजदूरों ने तैयार किया था।

9. पिरामिड बनाने में 1 लाख मजदूर लगे थे और ये किसी के गुलाम नही थे बल्कि हर रोज अपना वेतन लेते थे।

10. सभी पिरामिड नील नदी के पश्चिमी तट पर बनाए गए है।

Amazing fact of Pyramid in hindi| fact 11 to 20

11. ग्रेट पिरामिड के अंदर का तापमान हमेशा ही 20 डिग्री सेल्सियस तक स्थिर रहता है। फिर चाहे बाहर का तापमान कैसा भी हो।

12. गिज़ा के ग्रेट पिरामिड और अन्य दो पिरामिडों में कुछ नकली और एक असली दरवाजा था, ये दरवाजा इतने ग़ज़ब तरीके से बनाया गया था कि 18000 किलो वजन होने के बाद भी यह एक धक्के में खुल जाता है।

13. ग्रेट पिरामिड धरती का वो सबसे सटीक ढाँचा है जो उतर दिशा को बताता है. मिस्र के लोगो ने केवल ज्योतिष की मदद से हजारों साल पहले ऐसा कर दिखाया था. पिरामिड के आगे का भाग उत्तर दिशा में केवल 3/60 डिग्री गलत है और यह भी इसलिए संभव हुआ है क्योंकि समय के साथ धरती का north pole बदल जाता है इसलिए एक समय पर पिरामिड अपने जगह एकदम सही था।

14. आज से 4000 साल पहले पिरामिड शीशे की तरह चमकते थे क्योंकि इन्हें पाॅलिश किए गए सफेद चूना पत्थर से कवर किया गया था. ये सूर्य की रोशनी को रिफ्लेक्ट करते थे और इजरायल की पहाड़ियों से भी दिखाई देते थे और हो सकता है चाँद से भी।

15. तीन पिरामिड: ‘Khufu, Khafre और Menkaure‘ उन्हीं तारों की दिशा में है जो ओरियन बेल्ट के नक्षत्र बनाते है।

16. इसे संयोग ही मानियेगा, कि लाईट की स्पीड और गिज़ा के ग्रेट पिरामिड का निर्देशांक दोनों सामान है।

17. गिज़ा के महान पिरामिड की 8 sides है, लेकिन ये सिर्फ आसमान से दिखाई देती है।

18. आप पिरामिड के ऊपर भी चढ़ सकते है. लेकिन सिर्फ एक बार… क्योंकि यदि कोई टूरिस्ट ऐसा करता है तो जीवनभर उसके मिस्र आने पर बैन लग जाता है. इसके ऊपर चढ़ने के लिए आपको 203 सीढियाँ चढ़नी होगी।

19.सबसे अधिक पिरामिड मिस्र में नही बल्कि सूडान में है।

20. गिज़ा के ग्रेट पिरामिड को महान sphinx द्वारा guard किया गया है. ये दुनिया में पत्थर की सबसे बड़ी मूर्ति भी है और ऐसा माना जाता है कि ये ‘Khafra‘ राजा का चेहरा है।

Amazing fact of Pyramid in hindi| fact 21 to 29

21.पिरामिड में नींव के चारों कोने के पत्थरों में बॉल और सॉकेट बनाए गए है, ताकि ऊष्मा से होने वाले प्रसार और भूकंप से ये सुरक्षित रहे।

22.Djoser के पिरामिड‘ को मिस्र का सबसे पुराना पिरामिड माना गया है जो 27 वीं शताब्दी ईसा पूर्व के दौरान ‘Saqqara Necropolis’ में बनाया गया था।

23.विशेषज्ञों के मुताबिक़ पिरामिड के बाहर पत्थरों को इस तरह तराश और फिट किया गया है कि इनके जोड़ में एक ब्लेड भी नहीं घुसाई जा सकती।

24.12th सेंचुरी में कुर्दिश राजा अल-अज़ीज़ और मिस्र के दूसरे अय्युबिद सुल्तान ने गिजा पिरामिड को नष्ट करने की कोशिश की थी लेकिन वह थोड़े ही सफल हो पाए क्योंकि पिरमिड बहुत बड़ा था।

25.वैज्ञानिक प्रयोगों द्वारा यह प्रमाणित हो गया है कि पिरामिड के अंदर विलक्षण किस्म की ऊर्जा तरंगे लगातार काम करती रहती है जो सजीव और निर्जीव, दोनों ही तरह की वस्तुओं पर प्रभाव डालती है। वैज्ञानिक इसे “पिरामिड पॉवर” कहते है।

Read : Intresting fact about Indian currency

26. मिस्रवासी पिरामिड का इस्तेमाल वेधशाला, कैलेंडर, सनडायल और सूर्य की परिक्रमा में पृथ्वी की गति तथा प्रकाश के वेग को जानने के लिए करते थे।

27.पिरामिड को गणित की जन्मकुंडली भी कहा जाता है जिससे भविष्य की गणना की जा सकती है।

28.विशाल श्रमशक्ति के अलावा क्या प्राचीन मिस्रवासियों को सूक्ष्म गणितीय और खगोलीय ज्ञान रहा होगा? विशेषज्ञों के मुताबिक पिरामिड के बाहर पाषाण खंडों को इतनी कुशलता से तराशा और फिट किया गया है कि जोड़ों में एक ब्लेड भी नहीं घुसायी जा सकती। मिस्र के पिरामिडों के निर्माण में कई खगोलीय आधार भी पाये गये हैं, जैसे कि तीनों पिरामिड ऑरियन राशि के तीन तारों की सीध में हैं। वर्षों से वैज्ञानिक इन पिरामिडों का रहस्य जानने के प्रयत्नों में लगे हैं किंतु अभी तक कोई सफलता नहीं मिली है।

29.एक अनुमान के अनुसार गिज़ा के पिरामिड को बनाने में 23 लाख पत्थर के टकड़ो का इस्तेमाल हुआ है जिनका वज़न 2 से 30 टन और कुछ का वजन 45000 किलो तक था।

—————————————————————
दोस्तों यदि आपके पास Amazing fact of Pyramid in hindi|मिस्र के पिरामिडों के बारे में रोचक तथ्यमें ओर जानकारी हैं, या हमारे द्वारा दी गई जानकारी में कुछ त्रुटी लगे या कोई सुझाव हो तो comment करके सुझाव हमें अवश्य दें । हम इस पोस्ट को update करते रहेंगें ।दोस्तों यदि आपको हमारी पोस्ट अच्छी लगी हो तो उसे like और share अवश्य करें ।धन्यवाद 🙂

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here