शहजादा और सौदागर पुत्र

0
144

शहजादा और सौदागर पुत्र

शहजादे सलीम और एक सौदागर के पुत्र में बड़ी मित्रता थी .यहा तक कि वे दोनों साथ -साथ उठते ,खाते ,पहनते और साथ -साथ सोते थे .

दोनों इधर – उधर घूम फिर कर ,गपसप करके अपना दिन यू ही व्यर्थ निकाल देते . इससे बादशाह और सौदागर दोनों ही बहुत दुखी और परेशान रहा करते थे .क्योकि न तो शहजादा राजकाज में रूचि लेता था और न ही सौदागर पुत्र अपने व्यवसाय में .

इसीलिए सौदागरऔर बादशाह दोनों ही उनकी मित्रता को तोड़ना चाहते थे पर उनका हर प्रयास असफल हो जाता . बादशाह ने  अपने दरबारियों  की एक गुप्त बैठक बुलाई और उन्हें इस समस्या का हल खोजने की चुनोती दी और यह कहा कि जो भी कोई उनकी दोस्ती तुडवा देगा उसे १०००० सोने की गिन्नी इनाम दी जाएगी .

अब सब  दरबारी, शहजादे और सौदागर पुत्र की दोस्ती तुडवाने का प्रयास करने लगे . वे जितना भी प्रयास करते उनकी दोस्ती उतनी ही मजबूत होती जाती . उनके द्वारा किये गए सभी प्रयास असफल हो गए .

तब बीरबल ने कहा  जहापनाह अगर आपकी इजाजत हो तो मै भी प्रयास करदे देख लू . बादशाह तो ये ही चाहते थे , उन्होंने आज्ञा दे दी .

एक दिन जब बीरबल बाग में टहल रहे थे तो उन्होंने शहजादा और सौदागर पुत्र को बाग में आते देखा तो उन्होंने इशारे से शहजादे को अपने पास बुलाया .

पास आने पर उन्होंने शहजादे के कान के पास मुह लाकर कुछ कहने का स्वांग किया और फिर चले गए .

उधर सौदागर पुत्र ने शहजादे से पूछा कि – ‘बीरबल ने तुमसे क्या कहा था ‘.

शहजादे ने उत्तर दिया कि- ‘ उसने तो कुछ नही कहा वैसे ही बुलाया था . ‘

यह सुनकर सौदागर के पुत्र ने सोचा अवश्य ही शहजादे हमसे कुछ छिपा रहें है .

ऐसे ही दो तीन दिन बाद बीरबल ने शहजादे को फिर बुलाया और उसी तरह बिना कुछ कहे वापस भेज दिया .

सौदागर पुत्र के पूछने पर शहजादे ने उत्तर दिया कि आज भी मुझसे कुछ नही कहा .

अब तो सौदागर के पुत्र के ह्रदय में पूरी तरह से संदेह हो गया और वह शहजादे से काफी खिचाव रखने लगा . शहजादे भी उसे इस वर्ताव से खिन्न रहने लगा .

आखिर में उनकी मित्रता टूट गई और वे अपना -अपना काम करने लगे .सौदागर और बादशाह को भी इससे बड़ी प्रसन्नता हुई .दोनों ने बीरबल को इनाम दिया .

——————————————————————————

शहजादा और सौदागर पुत्र |ये प्रेरक कहानियां कैसी लगी, कमेंट द्वारा अवश्य बताये | यदि आपके पास भी कोई motivational article/ motivational story हैं और आप उसे हमारे साथ शेयर करना चाहते हैं तो onlinedost4u@gmail.com par भेजें |जिसे आपके नाम व फोटो सहित प्रकाशित किया जायेगा |

अन्य हिंदी प्रेरक कहानियां यहाँ पढ़े

  1. लड़ती बकरियां और सियार /Fighting goats and The jackal
  2. दुष्ट कोबरा और  कौए / The Cobra and The crow
  3. बगुला और केकड़ा / The Crane & The crab , A panchtantra tale
  4. वीर बालक बादल: जिसका राजपुताना सदैव ऋणी रहेगा |
  5. वीर बालक रामसिंह राठौर : जिसने शाहजहाँ की सत्ता को चुनौती दी |

 

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here