अकबर – बीरबल की तीन कहानियां / Three short stories of akbar and birbal

0
678

अकबर और बीरबल की कहानियां /Three short stories of Akbar and Birbal

 

1-मोम का शेर

पुराने समय में बादशाह एक दुसरे की बुद्धि की परीक्षा लिया करते थे | एक बार फारस के बादशाह ने अकबर को नीचा दिखाने के लिए एक शेर बनवाया और उसे एक लोहे के पिजड़े में बंद करके अपने एक दूत के साथ बादशाह अकबर के पास भेज दिया | इसके साथ उन्होंने एक सन्देश भी भेजा कि इस शेर को बिना पिजड़ा खोले ही निकाल कर दिखा दे | यदि वे ऐसा करने में असफल हो जाते हैं तो उनके राज्य पर फारस के बादशाह का अधिकार हो जायेगा |

यह सुनकर अकबर बादशाह ने ये पहेली  हल करने का प्रयास किया पर वे असफल रहे | इसके बाद उन्होंने कहा कि कोई दरबारी हैं जो इस पहेली को हल कर सके उसे 1000 स्वर्ण मुद्राएँ  दी जाएगी |जिस समय यह प्रश्न रखा गया उस समय वहां दरबारी बीरबल नही थे | कोई भी दरबारी इस पहेली को नहीं सुलझा सका |

बादशाह को चिंता होने लगी कि इससे तो उनकी शान भी मिटटी में मिल जाएगी कि उनके राज्य में कोई भी बुदिमान व्यक्ति नही हैं और राज्य भी हाथ से निकल जायेगा |

Related: अकबर-बीरबल के मजेदार किस्से

बादशाह अकबर ने बीरबल को बुलाने के लिए एक व्यक्ति को भेजा और बीरबल सभी कामों को छोड़कर तुरंत दरबार में पहुँचा |अकबर ने बीरबल के सामने फारस के बादशाह की शर्त सुना दी | यह सुनकर बीरबल ने पिजड़े के  चारों ओर से घूमकर शेर को अच्छी तरह से देखा| फिर उसने जलती हुई एक अंगीठी मगाई और उसे पिजड़े के नीचे रख दिया थोड़ी देर में शेर पिघल कर पिजड़े से बाहर हो गया | क्योकिं बीरबल को मालूम हो गया था कि शेर मोम का बना हुआ है जो देखने से धातु का बना हुआ मालूम होता था|

इस प्रकार बीरबल ने बादशाह की शान भी रख ली और अपने राज्य को भी बचा लिया |बीरबल की बुधिमत्ता की  प्रसंशा फारस के बादशाह ने भी की|

 

2-ऊंट की गर्दन टेढ़ी क्यों

एक बार बादशाह अकबर ने किसी बात पर खुश होकर बीरबल को जांगीर देने का वायदा किया | लेकिन बादशाह वह वायदा पूरा नही करना चाहते थे | इस लिए जब भी कभी बीरबल उन्हें याद दिलाने कि कोशिश करते बादशाह अकबर अपनी गर्दन दूसरी और मोड लेते |

कुछ समय बाद बादशाह और बीरबल कही से गुजर रहे थे | उन्हें एक ऊंट बैठा हुआ दिखाई दिया |

अकबर ने बीरबल से पूछा -‘ बीरबल ऊंट कि गर्दन टेढ़ी क्यों होती हैं ?

बीरबल ने कहा -‘ गुस्ताखी माफ़ जहाँपनाह , लेकिन मेरा ख्याल हैं कि इसने भी किसी को जांगीर देने का वायदा किया होगा , लेकिन समय पर गर्दन फेर ली |’

इस पर बादशाह ने अपना वायदा याद कर बीरबल को जांगीर दे दी |

 

3-बीरबल की खिचड़ी

एक बार बादशाह अकबर ने शर्त रक्खी थी कि कोई मनुष्य रात भर के लिए छाती तक पानी में खड़ा रहे तो उसे 5000 स्वर्ण मुद्रए इनाम में दी जाएगी |

माघ के महीने में कड़ी सर्दी थी ऐसे में कोन अपनी जान आफत में डालता | लेकिन इक गरीब ब्राह्मण को अपनी लड़की की शादी करनी थी | वह इसके लिए तैयार हो गया |

रात भर वह बेचारा पानी में खड़ा रहा | अगले दिन सुबह बादशाह ने उसे बुलाया कि तुम किसके सहारे पानी में सारी रात खड़े रहे |सीधे- सादे ब्राह्मण ने उत्तर दिया कि जहाँपनाह, में आपके किले पर जलती मशाल को देखता रहा |
बादशाह ने कहा जरुर तुम्हें उसकी गर्मी लगी होगी, जाओ तुम्हें इनाम नही मिलेगा |

यह सुनकर ब्राह्मण रोता हुआ दरबार से चला गया और जाकर बीरबल से मिला |

बीरबल ने उसे समझा-बुझाकर घर भेज दिया | एक दिन बादशाह अकबर को शिकार खेलने का विचार सुझा उन्होंने बीरबल को बुलाने के लिए नौकर को भेजा |नौकर ने वापस आकर उत्तर दिया कि बीरबल अभी खिचड़ी बना रहे हैं उसे खाकर आयेंगे |

लेकिन बादशाह को इंतजार करते-करते हुए 1 घंटा हो गया उन्होंने अपने नौकर को दुबारा भेजा तो उसे वापस आकर वही पुराना उत्तर दोहरा दिया | इसी प्रकार ओर इंतजार करने के बाद फिर दूसरा नौकर भेजा तो उसने भी वही उत्तर दिया कि खिचड़ी बन रही है उसे खाकर आयेगे | अब बादशाह को क्रोध आ गया वे स्वयं बीरबल के पास पहुचे तो उन्होंने देखा कि काफी ऊंचाई पर एक बल्ली पर हांड़ी टंगी हैं और नीचे थोड़ी सी आग जल रही हैं |बीरबल आराम से बैठे हुए हैं |

बादशाह ने आश्चर्य से पूछा –बीरबल यह क्या तमाशा हो रहा है | बीरबल ने शांत भाव से उत्तर दिया खिचड़ी पक रही हैं |

यह कैसी खिचड़ी बन रही हैं ? इतनी नीची आग से तो हांड़ी को कुछ भी आग नही लग रही है इससे तो यह कभी भी खिचड़ी नही बनेगी |बादशाह ने हैरानी से कहा |

Related: शहजादा और सौदागर पुत्र

तब बीरबल ने उत्तर दिया जब बूढ़े ब्राह्मण को किले पर जलने वाली मशाल से गर्मी पहुँच सकती है तो ये खिचड़ी भी बन सकती हैं |ये सुनते ही बादशाह को अपनी गलती का अहसास हो गया उन्होंने तभी उस ब्राह्मण को बुलाकर 5000 स्वर्ण मुद्राए दे दी | इस प्रकार बीरबल ने अपनी बुधिमत्ता से उस बूढ़े ब्राहमण को न्याय दिला दिया |

 

अन्य कहानियां  के लिए नीचे के लिंक पर क्लिक करें

  1. खरगोश और  मेढ़क की कहानी
  2. मूर्खो की लिस्ट -Tenalirama story in hindi
  3. आलसी ब्राह्मण/ Panchtantra tale lazy brahmin in hindi
  4. एक व्यक्ति जिसने नेत्रहीन होने के बाद भी C A बनने का सपना देखा और पूरा किया-राजशेखर जी
  5. तीन प्रेरक कहानियां / three moral stories in hindi

————————————————————

 अकबर और बीरबल की तीन कहानियां / Three short stories of akbar and birbal ये पोस्ट कैसी लगी, कमेंट द्वारा अवश्य बताये | यदि आपके पास भी कोई motivational article/ motivational story और ब्लॉग सम्बन्धित कोई आर्टिकल हैं और आप उसे हमारे साथ शेयर करना चाहते हैं तो onlinedost4u@gmail.com par भेजें /जिसे आपके नाम व फोटो सहित प्रकाशित किया जायेगा |

Thanku 🙂

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here